flock of hens on green field

मुर्गी पालन कैसे शुरु करें 2022। Murgi Farm । Poultry Farm Busiess 2022

मुर्गी पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो कम पूँजी व सीमित संसासनों के सहायता से मात्र थोड़ी सी जागरुकता के आधार पर आज लोग लाखों कमा रहें है। आज परम्परागत खेती से आप जीवन यापन तो जरुर कर सकते है पर आर्थिक समृद्धि के लिए कृषि के सभी घटकों का समावेश किया जाएगा तभी संभव है। अब खेती के साथ- साथ अन्य घटक जैसे मधुमक्खी पालन, डेयरी फार्म व मुर्गी फार्म के उद्यम का समावेश किया जा रहा है। जिसे किसान अपने आमदनी में बृद्धि कर रहे है। इस व्यवसाय से कम पूँजी की सहायता से लाखों रुपए तक कमाया जा सकता है साथ ही साथ रोजगार का सृजन भी होता है। Poultry Farming Business करने के लिए अनेक प्रकार के बातों को ध्यान में रखना होता है। जो विस्तार से बताया गया है।

योजना तैयार करना (Business Plan for Poultry Farming):

योजनाबद्ध तरीके से मूर्गीपालन किया जाए तो कम खर्च में अधिक उत्पाद किया जा सकता है। किसी भी प्रकार के बिजनेस को सफलतापूर्वक चलाने के लिए सबसे पहले उसकी योजना बनाई जाती है। जिसमें बिजनेस शुरु करने वाले जगह, पैसे, और बिजनेस में प्रयोग में आने वाले उपकरण, छप्पर की व्यवस्था, रजिस्ट्रेशन, मुर्गी के खाना, पैसे की कमी होने पर लोन आदि के बारे में अपने खर्च व कमाई की तुलना बारीकी से कर लें। साथ ही साथ अपने Poultry Farm का उत्पादन क्षमता भी निर्धारित कर ले।और अपने उत्पाद का मार्केट का मूल्यांकन भी करना चाहिए।

 मुर्गी फार्म में खर्चा व्यवस्था (Capital Arrangement for Poultry Farming)

 जब आप इस व्यवसाय के लिए योजना बनाया था तभी आपको चल गया होगा कि फार्म को शुरु करने में कितना तक खर्चा आ सकता है। यह इस बात पर निर्भर  करता है कि आप किस नस्ल कि मुर्गियों का प्रयोग करते है और कितनी संख्या से शुरु करते है। शुरुआत में छोटे स्तर से ही शुरुकरके इसको धीरे-धीरे बढ़ाना चाहिए।  

मुर्गा पालने के लिए अनुदान तथा लोन- (Poultry Farming Subsidy)  

इसके लिए केंद्र व राज्य सरकारों के द्वारा कई प्रकार के आंशिक रुप से अनुदान योजनाएँ चलाई जाती है।30- से 40 प्रतिशत तक नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रुरल डेवलपमेंट (नाबार्ड)  के द्वारा  सब्सिड़ी दिया जाता है। साथ ही समय-समय पर इच्छुक लोगो के लिए प्रशिक्षण का कार्यक्रम चलाया जाता है, जहाँ पर प्रशिक्षण लेकर पोल्टी फा्र्म की शुरुआत किया जा सकता है। लोन के लिए किसी भी बैक से सम्पर्क करके लोन लिया जा सकता है। आपको लोन लेते समय जिस भी प्रकार का मुर्गी फार्म खोलना है अपने Project Formulation के द्वारा बताना होगा।  पढ़े मधुमक्खी पालन  व्यवसाय  की पूरी जानकारी(Bee Farming Business) 

मुर्गी पालन के लिए जमीन का चुनाव करना (Land Selection for Poultry Farming) 

मुर्गी पालन का सबसे महत्वपूर्ण व मंहगा  भाग है। Poultry Farm के लिए साफ व लम्बी जगह की जरुरत होती है जिसमें छप्पर को लगाया जा सके।जमीन ऐसे जगह पर होना चाहिए जहाँ हमारे ग्राहक अच्छी तरह से पहुचँ जाए और ,आने- जाने की सुविधा और स्वच्छ पानी की व्यवस्था हो. और कोशिश करे कि मुख्य शहर से थोड़ा सा दूर हो. के पास में हो तो अच्छा है। नहीं तो आपको परिवहन की व्यवस्था करना होगा।

 छप्पर एवं उपकरणों का प्रबंध करना

, अब छप्पर व उपकरण को खरीदकर  इसका प्रबध करना चाहिए ,चूजो के लिए बाड़ो का इंतेजाम करना जो अलग-अलग भगौलिक स्थानों के लिए अलग -अलग हो सकता है।  चुजों के संख्या के मुताबिक बाड़ा हवादार  व सीलन आदि से मुक्त होना चाहिए । बाड़े में स्थिर वातावरण बनाये रखने के लिए छत की ऊचाई लम्बाई और चौड़ाई उचित अनुपात में होना चाहिए। बाड़े की दीवार सतह से एक से दो फीट ऊंची बनाकर छत तक लोहे कि जालियाँ लगाने से बाड़ा में रोशनी व हवा आदि के लिए बेहतर होता है, तथा शिकारी पशु जैसे कुत्ता, बिल्ली ,नेवला आदि से बचाव भी रहता है।

मुर्गी फार्म के लिए रजिस्ट्रेशन (Poultry Farm Registration)

मुर्गी फार्म के पंजिकरण MSME के जरिए कराना होगा जिसके लिए सबसे पहले रजिस्ट्रेशन की ऑफिशियल वेबसाइट www.udyogaadhar.gov.in पर जाए। उसके बाद  आपको अपने आधार नम्बर के साथ सभी जरुरी जानकारी को भरना होगा, जैसे नाम पता  बैंक  डिटेल, कंपनी का नाम आदि। फार्म भरने के बाद उसे समिट कर दे। अब जब आपका MSME की सर्टिफिकेट बन जाएगा तो आपके मेल भे भेज दिया जाएगा। 

 मुर्गियों का चयन ( Bird selection for Poultry Farming)

मुर्गियों के चयन से मतलब है कि आप अंडे उत्पादित करना चाहते है या मांस ।  मांस का उत्पादन करनेस के लिए ब्रायलर मुर्गियों का चयन करना होता है। और अंडा उत्पादन के लिए लेयर मूर्गी का पालन किया जाता है।  

अगर आप चाहे तो दोनो प्रकार के मुर्गी का पालन कर सकते है। दोनो के अपने लाभ व हानि होते है जिसका जानकारी कर लें। 

मुर्गी भोजन की व्यवस्था-  

चूजे की उम्र चारे की किस्म
  •  0-10 दिन प्री स्टार्टर 
  • 11-21 दिन स्टार्टर
  •  22 दिन से ऊपर फिनिसर 

मुर्गी पालन के लाभ-

  • मुर्गी पालन से रोजगार का सृजन होता है।
  • खेती के साथ -साथ किया जा सकता है।
  • मूर्गी फार्म से निकलने वाला बीट को खाद के रुप में प्रयोग किया जाता है। इस खाद के कारण विभिन्न फसलो की अच्छी पैदावार होती है।क्योकिं अन्य कंम्पोस्ट खाद के अपेक्षा इसमें दो से ढाई गुना अधिक पोषक तत्व होता है। मुर्गी फार्म संचालक मुर्गी के बीट के खाद को स्वयं अपने खेत में प्रयोग करके रासायनिक ऊर्वरको की खपत को कम कर रहे है। जिससे मिट्टी के सेहत को दुरुस्त कर रहे है। शेष बची बीट को अन्य किसान को बेचकर आमदनी भी कर रहे है। 

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